जीवन कविता – इस उत्तर की तलाश में है कि हम क्यों हैं?

हम कहाँ से आए हैं, हम कहाँ जा रहे हैं?
हम यहां क्यों आए, हम कब जा रहे हैं?
पानी क्यों बहता है, सूरज क्यों चमक रहा है?
क्यों धड़क रहा है दिल, मस्तिष्क क्यूं सोचता है?
यदि यह वास्तविक है, या सिर्फ मन का भ्रम ?
धरा जीवन कैसे जानती है, चंद्र लहर में क्यों उत्सुक है?
पृथ्वी गोल क्यों है, अंतरिक्ष शब्द शून्य क्यों है?
क्यों उगते हैं पेड़ धरा पर, क्या है ऊपर, क्या नीचे?
समय कहाँ है, मैं कहाँ हूँ और मेरा क्या है?
हम क्यों मरते हैं, असत्य हमें बुरा क्यों लगता है?
हम क्यों बात कर रहे हैं शांत नही, क्या गलत है, क्या सही है?
पानी रंगहीन क्यों होता है, बादल जब मिलते हैं तो आवाज क्यों करते हैं
यदि यह खेल है तो क्या जीतना है , क्या है हारना?
यह खेल नहीं तो जीत क्यों, हार क्यों?

यदि आप उत्तर जानते हैं, तो आपका प्रश्न सही नहीं है।


यदि आपका प्रश्न सही है तो आप उत्तर कभी नहीं जान पाएंगे।

यह एक जीवन कविता है जिसे मैंने आध्यात्मिकता की दुनिया में जीवन का अर्थ खोजने के दौरान लिखा है।